वर्ष 2000 से का सु साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उ.प्र. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से चयनित प्राध्यापक के रूप में हिन्दी विभाग में कार्यरत। इससे पूर्व महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा में रिसर्च एसोसिएट के रूप में दो वर्षों तक कार्य करने का अनुभव। हिन्दी साहित्य की विधाओं यथा, आधुनिक हिन्दी आलोचना, आधुनिक स्वातंत्र्योत्तर काव्य, उत्तरआधुनिकतावाद, उत्तरसंरचनावाद, दलित व स्त्री विमर्श, भाषा विज्ञान, शोधप्रविधि व मध्यकालीन काव्य आदि विषय-क्षेत्रों में अध्यापन में विशेष रुचि। उ.प्र हिन्दी संस्थान के पुरस्कारों के चयन के लिए व्यंग्य-विधा में अनेक वर्षों तक विशेषज्ञ के रूप में नामित। राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान उ.प्र से वर्ष 2019 में ‘साहित्य गौरव’ सम्मान अधिगत। साहित्य के अध्ययन-अध्यापन के अतिरिक्त महाविद्यालय के अन्य दायित्वों जैसे प्रधान संपादक, आईक्यूएसी समन्वयक, नैक समन्वयक, नियंता-मण्डल-सदस्य, छात्र चुनाव अधिकारी आदि के रूप में कार्य करने का वैविध्पूर्ण अनुभव। यूजीसी-इन्फ़्लिबनेट की योजना ई-पाठशाला के लिए रीतिकाल पर दो मॉड्यूल्स की रिकॉर्डिंग व प्रस्तुति। अध्ययन-अध्यापन, शोध व नवाचार को लेकर विद्यार्थियों के प्रति एक गहरी अटूट प्रतिबद्धता और उनसे लोकतांत्रिक आधारों पर नैरंतर्यपूर्ण संवाद व सहभागिता में विश्वास।